Tuesday, June 7, 2011

Galti Tumhari Hai...

हो चुन्नीलाल की भैंस बीमार , गलती तुम्हारी है ..........

हो बिन मौसम बरसात ,  गलती तुम्हारी है ..........

गर पड़े भाई  को पिताश्री से फटकार , गलती तुम्हारी है ..........

न करे शर्मा जी बीवी से प्यार, गलती तुम्हारी है ..........

अस्त- व्यस्त हो जाये घर जब , गलती तुम्हारी है ..........


गर न आये साबुन से झाग , गलती तुम्हारी है ..........

न करे नल जब पानी की बौछार , गलती तुम्हारी है ..........

तुम टपकाओ बूँदें आँखों से झर- जहर , गलती तुम्हारी है ..........

तुम  आओ पिट- पिटाकर, कपड़े फाड़ , गलती तुम्हारी है ..........


तुम दुखी.... ??   गलती तुम्हारी है ..........

कोई और सुखी ...?? गलती तुम्हारी है ..........

तुम भूके - प्यासे ...??  गलती तुम्हारी है ..........

न सोये तुम ....??  गलती तुम्हारी है......


रोये तुम अकेले , हो व्याकुल , फूट- फूट कर ...??  गलती तुम्हारी है ..........

हुए खुश तुम किसी से मिलकर ..?? गलती तुम्हारी है......

हुए दुखी किसी और की गलती पर ....?? गलती तुम्हारी है.......


कितना आसान होता है , करना आरोप - प्रत्यारोप औरों पर....!!!!

हकीकत  जब चीख- चीख कहे , कोई मुरझाया किसी और की गलती पर !!!!!


पर ...........क्या कभी सोचा है , समझदारी से..... ??

समझी है अपने दिल की बात...... ??

सुनी है अंतर्मन की आवाज़...... ??


कटु ही सही ...!!! सत्य सत्य ही है !!!!

पूछो उस सच्चे अंतर्मन से ......आखिर गलती है किसकी ....????


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