जब भूख सताए, तब माँ याद आये......
जब चोट लग जाए, तब माँ याद आये......
ना भाये कुछ भी, अस्त-व्यस्त हो मन जब.......
जब दिल घबराए, तब माँ याद आये......
आह!! बन जाए आहा :-) माँ की गोद में.....
जब दुनिया कर दे पराया, तब माँ याद आये......
पर......क्या किसी ने सोचा है यह ??
क्या करती है माँ अपने दुःख में !!
किस से कहती, कहाँ जाती है वो !!
बाँट ना पाए उसका दुःख जब , मीत कहलाता उसका जो !!
लगे अपना दुःख उसे छोटा, रम जाए संतान के दुःख में जब.....
सुध खो देती है वो अपनी, जब बच्चे को माँ याद आये......
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